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== '''जनम और बाल्यकाल''' ==

सिन्धु नदी के तट पर स्थित सिंध प्रदेश (पाकिस्तान)  के हैदराबाद जिल्हे के महराब चन्दाइ नामक गांव में ब्रह्म क्षत्रिय कुल में श्री टोपनदास गंगाराम जी का जनम हुवा था.वे गांव के सरपंच थे. साधू संतो के लिए उनके दिल में सन्मान था. उनकी दो पुत्रियाँ थी पर उनको पुत्र नही था. एक बार पुत्र इच्छा से प्रेरित होकर श्री टोपनदास अपने कुलगुरु श्री रतन भगत के दर्शन के लिए पास के ग(contracted; show full)पूज्य श्री लीलाशाह महाराज ने अपने कार्यक्षेत्र में कभी भी भौगोलिक सीमाओं की ओर नहीं देखा. उन्होंने तो जातिभेद से पार होकर, मानव जीवन का मूल्य समझाने, स्वास्थ्य को संतुलित करने के लिए योग का प्रचार, आध्यात्मिक ज्ञान देने के लिए सत्संग का प्रचार किया. 
९३ वर्ष की उम्र में भी वे कर्मशील बने रहे. इस उम्र में भी वे अपने सभी काम स्वयं करते. योग के सभी आसन और क्रियाएं भी करते. 
४ नवम्बर १९७३ को सुबह ७:२०  पर स्वामी जी ने अपने देह को त्याग कर परम लोक की ओर प्रस्थान किया 


[[श्रेणी:हिन्दू आध्यात्मिक नेता]]

[[en:
Swami Sri Lilashahji MaharajLilashah]]