Difference between revisions 2396621 and 2396626 on hiwiki{{आज का आलेख}}''देखें:पूर्ण लेख '''→''' [[जयपुर]]''<br /> {{Infobox Indian Jurisdictions |native_name=जयपुर |nickname= गुलाबी शहर | skyline = HawaMahal.jpg | skyline_caption = जयपुर का हवामहल |latd = 26.9260|longd=75.8235 |state_name=राजस्थान (contracted; show full) |url= http://mallar.wordpress.com/2009/06/29/%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E2%80%93-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0/|title= गुलाबी नगरी - जयपुर|accessmonthday= २७ जुलाई|accessyear= २००९|accessmonthday= |accessdaymonth = |accessyear= |author= |last= सुब्रह्मणियम|first= पा.ना.|authorlink= |coauthors= |date= |year= |month= |format= |work= |publisher= मल्हार- वर्ल्डप्रेस |pages= ०३|language= हिन्दी}} </ref> ⏎ ⏎ जयपुराना शहर चारों ओर से दीव को [[भारत]] का [[पेरिस]] भी कहा जाता है। इस शहर के वास्तु के बारे में कहते हैं, शहर को [[सूत]] से नाप लीजिये, नाप-जोख में एक [[बाल]] के बराबर भी फ़र्क नही मिलेगा। पुराना शहर चारों औओर से परकोटोंे से घिरा हुआ था, जिसमें प्रवेश के लिए सात दरवाजे बनवाये गए थे ।<ref name = "मल्हार "/> बाद में एक और द्वार भी बना जो न्यू गेट कहलाया। <ref name = "भास्कर ">{{cite web |url= http://www.bhaskar.com/2009/04/06/0904060355_illegal_construction_in_old_jaipur.html|title= परकोटे के पर कटे|accessmonthday= २७ जुलाई|accessyear= २००९|accessmonthday= |accessdaymonth = |accessyear= |author= |last= सिंह|first= रणधीर|authorlink= |coauthors= |date= |year= |month= |format= |work= |publisher= भास्कर.कॉम |pages= ०१०३|language= हिन्दी}}</ref> पूरा शहर करीब छह भागों में बँटा है और यह १११ फुट(३४ मी.) चौड़ी सड़कों से विभाजित है। पाँच भाग मध्य प्रासाद भाग को पूर्वी, दक्षिणी एवं पश्चिमी ओर से घेरे हुए हैं, और छठा भाग एकदम पूर्व में स्थित है। प्रासाद भाग में [[हवा महल]] परिसर, व्यवस्थित उद्यान एवं एक छोटी झील हैं। पुराने शहर के उत्तर-पश्चिमी ओर पहाड़ी पर [[नाहरगढ़ दुर्ग]] शहर के मुकुट के समान दिखता है। इसके अलावा यहां मध्य भाग में ही सवाई जयसिंह द्वारा बनावायी गई वेधशाला, [[जंतर मंतर, जयपुर]] भी है।<ref name = "मल्हार "/> जयपुर को आधुनिक शहरी योजनाकारों द्वारा सबसे नियोजित और व्यवस्थित शहरों में से गिना जाता है। शहर के वास्तुकार [[मिर्जा इस्माइल]] का नाम आज भी प्रसिद्ध हैदीवान (प्राइम मिनिस्टर) [[मिर्जा इस्माइल]] की पहल पर शहर का विस्तार न्यू कॉलोनी, एम आई रोड, सी-स्कीम और डी-स्कीम(बनीपार्क) जैसी आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों के रूप में हुआ था। [[ब्रिटिश]] शासन के दौरान इस पर [[कछवाहा]] समुदाय के [[राजपूत]] शासकों का शासन था। १९वीं सदी में इस शहर का विस्तार शुरु हुआ तब इसकी जनसंख्या १,६०,००० थी जो अब बढ़ कर २००१ के आंकड़ों के अनुसार २३,३४,३१९ हो चुकी है।थी । नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इसकी आबादी अब 3,355,070 है | <ref> http://www.indiaonlinepages.com/population/jaipur-population.html</ref> यहाँ के मुख्य उद्योगों में [[धातु]], [[संगमरमर]], वस्त्र-छपाई, हस्त-कला, रत्न व आभूषण का आयात-निर्यात तथा पर्यटन आदि शामिल हैं। जयपुर को [[भारत]] का [[पेरिस]] भी कहा जाता है। इस शहर के वास्तु के बारे में कहते हैं, शहर को [[सूत]] से नाप लीजिये, नाप-जोख में एक [[बाल]] के बराबर भी फ़र्क नही मिलेगा। शहर में बहुत से पर्यटन आकर्षण भी हैं, जैसे [[जंतर मंतर, जयपुर]], [[हवा महल]], [[सिटी पैलेस]], [[गोविंद देवजी का मंदिर]], [[बी एम बिड़ला तारामण्डल]], [[आमेर का किला]], [[जयगढ़ दुर्ग]] आदि। जयपुर के रौनक भरे बाजारों में दुकाने रंग बिरंगे सामानों से भरी है, जिसमें हथकरघा उत्पाद, बहुमूल्य पत्थर, वस्त्र, मीनाकारी सामान, आभूषण, राजस्थानी चित्र आदि शामिल हैं। इसके अलावा ये संगमरमर की प्रतिमाओं, ब्लू-पॉटरी औऱ राजस्थानी जूतियों के लिये भी प्रसिद्ध हैं। प्रसिद्ध बाजारों में जौहरी बाजार, किशनपोल बाज़ार, इंदिरा बाजार(contracted; show full){{राजस्थान के जिले}} [[श्रेणी:राजस्थान के शहर]] [[श्रेणी:जयपुर जिला]] [[ca:Jaipur (ciutat)]] [[sa:जयपुर]] [[ta:ஜெய்ப்பூர்]] All content in the above text box is licensed under the Creative Commons Attribution-ShareAlike license Version 4 and was originally sourced from https://hi.wikipedia.org/w/index.php?diff=prev&oldid=2396626.
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