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'''एक राष्ट्र, एक चुनाव''' समान्यतः एक प्रस्तावित चुनाव सुधार भारत के लिए है।

== प्रस्ताव ==
अलग-अलग और निरंतर चुनावों के बजाय एक चुनावों में दोनों लोकसभा और राज्यों की चुनाव हो।<ref>{{Citation|title=Why PM Modi’s idea of ‘One Nation, One Election’ may not work|date=7 सितंबर 2016|url=http://www.financialexpress.com/india-news/pm-narendra-modi-one-india-one-election-reform-bottlenecks-pranab-mukherjee-support/369807|work=[[:en:The Financial Express (India)|The Financial Express]]|access-date=23 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20161209170011/http://www.financialexpress.com/india-news/pm-narendra-modi-one-india-one-election-reform-bottlenecks-pranab-mukherjee-support/369807/|archive-date=9 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>

       एक राष्ट्र, एक चुनाव

तात्पर्य:- केंद्र और राज्य स्तर पर अलग अलग होने वाला चुनाव एक साथ संपन्न हो. इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद निश्चित तौर पर यह व्यवस्था हो जाएगी की,पुरे देश में 5 साल में सिर्फ एक ही बार चुनाव होगा.
       नीति आयोंग के अनुसार 2024 से लोकसभा और विधानसभाओं का चुनाव साथ किया जाए.इसका पहला चरण 2019 में 17वीं आम चुनाव के साथ और दूसरा 2021 में 17वीं लोकसभा के मध्य में किया जाए.इसके लिए कुछ विधानसभाओं की अवधि को घटाकर तथा कुछ की अवधि को बढ़ाकर किया जा सकता हैं.
(contracted; show full)

निष्कर्ष:-केंद्र और राज्यों में एक साथ चुनाव कराने की बहस किस नतीजे पर पहुंचती हैं.जहाँ हर कोई इस बात से सहमत हैं कि,यह विचार अच्छा हैं.इसमें पैसा और वक्त की बचत होगा.पैसा देश के विकास में खर्च होगा.लेकिन एक चिंता हैं की,क्या इससे संविधान की मूल भावना को चोट पहुँचती हैं.संविधान संशोधन और सियासी सहमति से इन मतभेदों को दूर किया जा सकता हैं.