Revision 1948740 of "कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह" on hiwiki

{{स्रोतहीन|date=नवम्बर 2011}}
{{Infobox_Monarch 
| name           = परमवीर हवलदार मेजर पीरु सिंह
| image          = 
| caste           = [[राजपूत]]
| father         = [[लाल सिंह शेखावत]] 
| date of birth  =  [[20 मई 1918]] 
| date of death  = [[19 जुलाई 1948]] 
| royal house    = [[शेखावाटी]]
|}}

==जन्म==
6 राजपुताना रायफल्स के हवलदार मेजर पीरु सिंह शेखावत  झुंझुनू के पास बेरी गांव के लाल सिंह शेखावत के पुत्र थे जिनका जन्म 20 मई 1918 को हुआ था | 
==प्रणोत्सर्ग==
जम्मू कश्मीर में तिथवाल के दक्षिण में इन्हे शत्रु के पहाड़ी मोर्चे को विजय करने का आदेश मिला | दुश्मन ने यहाँ काफी मजबूत मोर्चा बंदी कर रखी थी ज्योही ही ये मोर्चे की और अग्रसर हुए दोनों और से शत्रु की और भयंकर फायरिंग हुयी व भारी मात्रा में इन पर बम भी फेंके गए | पीरु सिंह आगे वाली कंपनी के साथ थे और भारी संख्या में इनके साथी मारे गए और कई घायल हो गए ये अपने साथियों को जोश दिलाते हुए युद्ध घोष के साथ शत्रु के एम एम जी मोर्चे पर टूट पड़े और बुरी तरह घायल होने बावजूद अपनी स्टेनगन और संगीन से पोस्ट पर मौजूद दुश्मनों को खत्म कर एम एम जी की फायरिंग को खामोश कर दिया लेकिन तब तक उनकी कम्पनी के सारे साथी सैनिक मारे जा चुके थे वे एक मात्र जिन्दा लेकिन बुरी तरह घायल अवस्था में बचे थे चेहरे पर भी बम लगने के कारण खून बह रहा था लेकिन जोश और मातृभूमि के लिए बलिदान की कामना लिए वे शत्रु के दुसरे मोर्चे पर हथगोले फेंकते हुए घुस गए दुसरे मोर्चे को भी नेस्तनाबूत कर वे अपने क्षत-विक्षत शरीर के साथ दुश्मन के तीसरे मोर्चे पर टूट पड़े ,रास्ते में सिर में गोली लगने पर ये १९ जुलाई 1948 को वीर गति को प्राप्त हुए |
भारत सरकार ने उन्हे मरणोपरांत इनकी इस महान और अदम्य वीरता के लिए वीरता के सबसे उच्च पदक परमवीर चक्र से सम्मानित किया |

==परमवीर चक्र से सम्मानित==

{{PAGENAME}} [[परमवीर चक्र]] से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है। इन्हे यह सम्मान सन [[1948]] मे मरणोपरांत मिला।

==सन्दर्भ ==
[http://www.gyandarpan.com/2008/12/blog-post_25.htmlपरमवीर हवलदार मेजर पीरु सिंह : ज्ञान दर्पण]

[[श्रेणी:परमवीर चक्र से सम्मानित लोग]]
[[श्रेणी:क्षत्रिय योद्धा]]
[[श्रेणी:राजस्थान के लोग]]
[[श्रेणी:शेखावत]]

[[en:Piru Singh]]
[[ml:പീരു സിങ് ഷെഖാവത്ത്]]