Difference between revisions 12339 and 12340 on hiwikibooks

# [[हिन्दीसेवी संस्थाएँ]]
# [[रवीन्द्रनाथ टैगोर के चिंतन में मातृभाषा और समग्र विकास एवं सृजन के अंतःसंबंधों की खोज]] (प्रभात कुमार , शोध छात्र, शिक्षा विभाग, विश्व-भारती)
# [[राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी]] (लेखक - ऋषिकेश राय)
# [[अंग्रेजी ने बनाए 'नए वंचित' और 'नए ब्राह्मण']] - मधु पूर्णिमा किश्वर, संपादक, मानुषी
# [[अंग्रेजी के ताले में बंद भारत का विकास]] - मधु पूर्णिमा किश्वर, संपादक, मानुषी
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#[http://www.jayvijay.co/2015/06/14/शिक्षा-से-ही-नहीं-नौकरी-से/ शिक्षा से ही नहीं, नौकरी से भी जाए अंग्रेजी] ( जून २०१५ ; वेद प्रताप वैदिक)
#[http://prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=150617-112418-270010 गांधीजी कहते थे- राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्रसेवा संभव नहीं] (जून २०१५ ; श्री भगवान सिंह)
#[http://panchjanya.com//Encyc/2015/3/23/आवरण-कथा-पढ़ाई-से-लड़ाई-बंद-!.aspx पढ़ाई से लड़ाई बंद!] (पाञ्चजन्य में प्रशांत वाजपेई / अरुण कुमार सिंह)

#[http://www.mcu.ac.in/media-nav-chintan/2014-2015/mn-21-25.pdf देश् की समृद्द्धि के ले जनभाषा में शिक्षा] (संक्रान्त सानु)
#[http://prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=150220-122755-270011 नागरी विवादः चेतन भगत को बालेन्दु का बिंदुवार जवाब नागरी विवादः चेतन भगत को बालेन्दु का बिंदुवार जवाब] (प्रभासाक्षी , फरवरी २०१५)
#[http://hindi.webdunia.com/views-on-hindi/देवनागरी-का-कोई-विकल्प-हो-ही-नहीं-सकता-115010900033_1.html भारत में देवनागरी का कोई विकल्प नहीं हो सकता] (फरवरी २०१५ ; विविध व्यक्तियों के विचार)
#[http://raviwar.com/news/1099_hindi-devnagri-roman-script-raghuthakur.shtml  योजनाबद्ध झूठ का विस्तार] (फरवरी २०१५ ; रघु ठाकुर)
#[http://naidunia.jagran.com/editorial/expert-comment-why-roman-lipi-instead-of-devanagari-292902 आलेख : देवनागरी के बजाय रोमन लिपि क्यों?] (जनवरी २०१५ , प्रो. गिरीश्‍वर मिश्र)
#[http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=150128-101953-440010 यूरोपीय विद्वानों ने तो खुद रोमन को कोसा है।] (डॉ. परमानन्द पांचाल ; जनवरी २०१५)
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#[https://creative.sulekha.com/the-english-class-system_103459_blog The English Class System] (2003 , Sankrant Sanu )

==पुस्तकें==
*[https://books.google.co.in/books?id=oG2_9g8WqL4C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false भाषा और प्रौद्योगिकी] (लेखक - विनोद कुमार प्रसाद)
*[https://books.google.co.in/books?id=FG9tCwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल] (संक्रान्त सानू)