Difference between revisions 6177 and 6179 on hiwikibooks

* [[हिन्दीसेवी संस्थाएँ]]
* [[राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी]] (लेखक - ऋषिकेश राय)
* [[अंग्रेजी ने बनाए 'नए वंचित' और 'नए ब्राह्मण']] - मधु पूर्णिमा किश्वर, संपादक, मानुषी
* [[अंग्रेजी के ताले में बंद भारत का विकास]] - मधु पूर्णिमा किश्वर, संपादक, मानुषी
* [[हिन्दी की समस्या, अथार्त भारत की समस्या]] - डा राम चौधरी, प्रोफेसर भौतिक विज्ञान, न्यूयार्क स्टेट युनिर्वसिटी  
* [[भारत की भीषण भाषा-समस्या और उसके सम्भावित समाधान]] - अजय कुलश्रेष्ठ, कैलिफोर्निया, यू०एस०ए० 
(contracted; show full)
*[[प्रशासन के लिए अंग्रेजी जरूरी क्यों?]] (राजकरण सिंह)
*[[शिक्षा से ही नहीं, नौकरी से भी जाए अंग्रेजी]] (वेदप्रताप वैदिक, २००८)
*[[देश में भाषा के मुद्दे पर नवजागरण की जरूरत]] (पंकज श्रीवास्तव, नवम्बर २०११)
*[[अब भी आठवीं अनुसूची में क्यों रहे हिंदी?]] (डॉ परमानंद पांचाल, २८ दिसम्बर, २०११)
*[[जिनकी उपस्थिति से हिंदी ऊर्जावान है]] (ज्योतिष जोशी)
*[[मातृभाषा में शिक्षा]] ( प्रभाकर चौबे;  05 मार्च, 2012)
*[[हिन्दी को टूटने से बचाएँ : संदर्भ आठवीं अनुसूची]] ( डॉ. अमरनाथ )

*[[जापानियों ने विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को किस प्रकार अपना बनाया?]] (डॉ रघु वीर)

== वाह्य सूत्र ==
*[http://rachanakar.blogspot.com/2009/05/blog-post_5569.htmlhttp संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ की आधिकारिक भाषाएं एवं हिन्‍दी] (प्रोफेसर महावीर सरन जैन)  
*[http://hi.wikiquote.org/wiki/हिन्दी_के_बारे_में_विभिन्न_महापुरुषों_के_वचन हिन्दी के बारे में विभिन्न महापुरुषों के वचन]
*[http://www.abhivyakti-hindi.org/snibandh/hindi_diwas/hindiphirpahlesthanper.htm विश्व में हिंदी फिर पहले स्थान पर] (डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल द्वारा कृत भाषा शोध अध्ययन 2007 का निष्कर्ष)
(contracted; show full)
*[http://timesofindia.indiatimes.com/city/bangalore/Englishman-trashes-myths-about-English/articleshow/10953226.cms Englishman trashes myths about English] (टाइम्स आफ इण्डिया)
*[http://economictimes.indiatimes.com/articleshow/15941099.cms Poke Me: Why English should not be the medium of instruction in India] (The Economic Times)
*[http://blogs.timesofindia.indiatimes.com/Swaminomics/entry/is-premature-english-making-india-a-super-dunce Is premature English making India a super-dunce?] (Swaminomics)