Revision 3640 of "नयने लाजवित" on mrwikisource

{{header
 | शीर्षक      = नयने लाजवित
 | साहित्यिक     =कृष्णाजी प्रभाकर खाडिलकर
 | वर्ष       = १९११
 | विभाग    = 
 | मागील   =
 | पुढील       = 
 | टिपण      = 
}}
<poem>
नयने लाजवित बहुमोल रत्‍ना ।
जणु धैर्यधर धरित धनदासम धना ॥

नमवी पहा भूमि हा चालताना ।
सुचवित तिज तूचि मजपुढे निर्धना ॥

<poem>
{{प्रताधिकार मुक्त साहित्य}}
[[वर्ग:प्रताधिकार मुक्त साहित्य-भारत]]