Difference between revisions 1948993 and 2022319 on hiwiki{{Infobox Indian Jurisdictions |type = state |state_name = कर्नाटक |native_name = कर्नाटक |other_name = ಕರ್ನಾಟಕ |capital = [[बंगलुरु]] |locator_position = left |latd = 12.970214| longd = 77.56029 (contracted; show full)में से सर्वाधिक स्वीकार्य तथ्य है कि कर्नाटक शब्द का उद्गम कन्नड़ शब्द करु, अर्थात काली या ऊंची और नाडु अर्थात भूमि या प्रदेश या क्षेत्र से आया है, जिसके संयोजन करुनाडु का पूरा अर्थ हुआ काली भूमि या ऊंचा प्रदेश। काला शब्द यहां के [[:en:Bayaluseeme|बयालुसीम क्षेत्र]] की काली मिट्टी से आया है और ऊंचा यानि दक्खन के पठारी भूमि से आया है। ब्रिटिश राज में यहां के लिये कार्नेटिक शब्द प्रयोग किया गया है, जो [[कृष्णा नदी]] के दक्षिणी ओर की प्रायद्वीपीय भूमि के लिये प्रयोग किया गया है, और कर्नाटक शब्द का अपभ्रंश है। <ref>देखें [[लॉर्ड मैकॉले]]'ज़ लाइफ़ ऑफ क्लाइव एण्ड जेम्स टॉलबॉयज़ व्हीलर: ''अर्ली हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इण्डिया'', लंदन (१८७८), पृ.९८। The principal meaning is the western half of this area, but the rulers there controlled the [[Coromandel Coast]] as well.</ref> प्राचीन एवं मध्यकालीन [[भारत का इतिहास|इतिहास]] देखें तो कर्नाटक क्षेत्र कई बड़े शक्तिशाली साम्राज्यों का क्षेत्र रहा है। इन याज्यों के दरबारों के विचारक, दार्शनिक और भाट व कवियों के सामाजिक, साहित्यिक व धार्मिक संरक्षण में आज का कर्नाटक उपजा है। भारतीय शास्त्रीय संगीत के दोनों ही रूपों, [[कर्नाटक संगीत]] और [[हिन्दुस्तानी संगीत]] को इस राज्य का महत्त्वपूर्ण योगदान मिला है। आधुनिक युग के कन्नड़ लेखकों को सर्वाधिक [[ज्ञानपीठ सम्मान]] मिले हैं। राज्य की राजधानी [[बंगलुरु]] शहर है, जो भारत में हो रही त्वरित आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी का अग्रणी योगदानकर्त्ता है। == भूगोल == [[चित्र:Jog Rani.JPG|right|thumb|200px|[[जोग प्रपात]] भारत में सबसे ऊंचा [[जल प्रपात]] है। यहां [[शरावती नदी]] ऊंचाई से नीचे गिरती है। ]] कर्नाटक राज्य में तीन प्रधान मंडल हैं: तटीय क्षेत्र [[करावली]], पहाड़ी क्षेत्र [[मालेनाडु]] जिसमें [[पश्चिमी घाट]] आते हैं, तथा तीसरा [[बयालुसीमी]] क्षेत्र जहां [[दक्खिन पठार]] का क्षेत्र है। राज्य का अधिकांश क्षेत्र बयालुसीमी में आता है और इसका उत्तरी क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा शुष्क क्षेत्र है।<ref name="arid">{{cite web|url=http://www.hinduonnet.com/fline/fl1817/18170420.htm|first=Parvathi |last=Menon|title=Karnataka's agony|work=The Frontline, Volume 18 - Issue 17, 18–31 August 2001|publisher=Frontline|accessdate=2007-05-04}}</ref> कर्नाटक का सबसे ऊंचा स्थल [[चिकमंगलूर जिला]] का मुल्लयनगिरि पर्वत है। यहां की [[समुद्र सतह से ऊंचाई]] {{convert|1929|m|ft|0}} है। कर्नाटक की महत्त्वपूर्ण नदियों में [[कावेरी]], [[तुंगभद्रा नदी]], [[कृष्णा नदी]], [[मलयप्रभा नदी]] और [[शरावती नदी]] हैं। यहां की मिट्टी की कृषि हेतु योग्यता के अनुसार यहां की मृदा को छः प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है: लाल, लैटेरिटिक, काली, ऍल्युवियो-कोल्युविलय एवं तटीय रेतीली मिट्टी। राज्य में चार प्रमुख ऋतुएं आती हैं। जनवरी और फ़रवरी में शीत ऋतु, उसके बाद मार्च-मई तक ग्रीष्म ऋतु, जिसके बाद जून से सितंबर तक मॉनसून वर्षा ऋतु और अंततः अक्तूबर से दिसंबर पर्यन्त मॉनसूनोत्तर काल। मौसम विज्ञान के आधार पर कर्नाटक तीन क्षेत्रों में बांटा जा सकता है: तटीय, उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक क्षेत्र। इनमें से तटीय क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा होती है, जिसका लगभग {{convert|3638.5|mm|in|abbr=on|0}} प्रतिवर्ष है, जो राज्य के वार्षिक औसत {{convert|1139|mm|in|abbr=on|0}} से कहीं अधिक है। [[शिमोगा जिला]] में [[अगुम्बे]] भारत में दूसरा सर्वाधिक वार्षिक औसत वर्षा पाने वाला स्थल है।<ref name="second"> अगुम्बे के सर्वाधिक वर्षा पाने का उल्लेख {{cite web|url=http://www.centralchronicle.com/20070328/2803302.htm|title=Link Godavari, Krishna & Cauvery|first=Arabinda | last=Ghose|work=The Central Chronicle, dated 2007-03-28|publisher=2007, Central Chronicle|accessdate=2007-05-16}}</ref> द्वारा किया गया है। यहां का सर्वाधिक अंकित तापमान ४५.६ [[सेल्सियस|° से.]] (११४ [[फ़ैरन्हाइट|°फ़ै.]]) [[रायचूर]] में तथा न्यूनतम तापमान {{convert|2.8|°C|°F|abbr=on|0}} [[बीदर]] में है। कर्नाटक का लगभग {{convert|38724|km2|sqmi|0|abbr=on}} (राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का २०%) वनों से आच्छादित है। ये वन संरक्षित, सुरक्षित, खुले, ग्रामीण और निजी वनों में वर्गीकृत किये जा सकते हैं। यहां के वनाच्छादित क्षेत्र भारत के औसत वनीय क्षेत्र २३% से कुछ ही कम हैं, और राष्ट्रीय वन नीति द्वारा निर्धारित ३३% से कहीं कम हैं। <ref name="forest_area">{{cite web|url=http://www.kar.nic.in/kla/karnataka.htm|work=Official website of the Karnataka legislature|title=Karnataka - An Introduction|accessdate=2007-10-04}}</ref> == उप-मंडल == {{Main|कर्नाटक के जिले }} [[चित्र:Karnataka districts-new.svg|left|thumb|कर्नाटक के जिले]] कर्नाटक राज्य में ३० जिले हैं —[[बागलकोट जिला|बागलकोट]], [[बंगलुरु ग्रामीणजिला|बंगलुरु ग्रामीण]], [[बंगलुरु शहरी जिला|बंगलुरु शहरी]], [[बेलगाम जिला|बेलगाम]], [[बेल्लारी जिला|बेल्लारी]], [[बीदर जिला|बीदर]], [[बीजापुर जिला|बीजापुर]], [[चामराजनगर जिला|चामराजनगर]], [[चिकबल्लपुर जिला|चिकबल्लपुर]],<ref name="newdis">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/2_new_districts_notified_in_Bangalore/articleshow/2258093.cms|title= टू न्यू डिस्ट्रिक्ट्स नोटीफाइड इन बैंगलॉर|work=द टाइम्स ऑफ इण्डिया, ६ अगस्त, २००७|accessdate=}}</ref> [[चिकमंगलूर जिला|चिकमंगलूर]], [[चित्रदुर्ग जिला|चित्रदुर्ग]], [[दक्षिण कन्नड़]], [[दावणगिरि जिला|दावणगिरि]], [[धारवाड़ जिला|धारवाड़]], [[गडग जिला|गडग]], [[गुलबर्गा जिला|गुलबर्गा]], [[हसन जिला|हसन]], [[हवेरी जिला|हवेरी]], [[कोडगु]], [[कोलार जिला|कोलार]], [[कोप्पल जिला|कोप्पल]], [[मांड्या जिला|मांड्या]], [[मैसूर जिला|मैसूर]], [[रायचूर जिला|रायचूर]], [[रामनगरम जिला|रामनगर]],<ref name="newdis"/> [[शिमोगा जिला|शिमोगा]], [[तुमकुर जिला|तुमकुर]], [[उडुपी जिला|उडुपी]], [[उत्तर कन्नड़]] एवं [[यादगीर]]। प्रत्येक जिले का प्रशासन एक जिलाधीश या जिलायुक्त के अधीन होता है। ये जिले फिर उप-क्षेत्रों में बंटे हैं, जिनका प्रशासन उपजिलाधीश के अधीन है। उप-जिले ब्लॉक और पंचायतों तथा नगरपालिकाओं द्वारा देखे जाते हैं। २००१ की जनगणना के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि जनसंख्यानुसार कर्नाटक के शहरों की सूची में सर्वोच्च छः नगरों में [[बंगलुरु]], [[हुबली]]-[[धारवाड़]], [[मैसूर]], [[गुलबर्गा]], [[बेलगाम]] एवं [[मंगलौर]] आते हैं। १० लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में मात्र बंगलुरु ही आता है। [[बंगलुरु शहरी]], [[बेलगाम जिला|बेलगाम]] एवं [[गुलबर्गा जिला|गुलबर्गा]] सर्वाधिक जनसंख्या वाले जिले हैं। प्रत्येक में ३० लाख से अधिक जनसंख्या है। [[गडग जिला|गडग]], [[चामराजनगर जिला|चामराजनगर]] एवं [[कोडगु]] जिलों की जनसंक्या १० लाख से कम है।<ref name="popu_cen">{{cite web|url=http://www.censusindiamaps.net/IndiaCensus_Gif_Ver/karnataka.htm|work=भारत की जनगणना, २००१ |title=कर्नाटका, पॉपुलेशन: पर्सन्स (टोटल)|accessdate=}}</ref> == जनसांख्यिकी == {{IndiaCensusPop | title= जनसंख्या बढ़ोत्तरी | 1951= 19402000 | 1961= 23587000 | 1971= 29299000 | 1981= 37136000 | 1991= 44977000 (contracted; show full) [[:Image:Karnataka emblem.png|कर्नाटक राज के आधिकारिक चिह्न]] में [[गंडबेरुण्ड|''गंद बेरुंड'']] बीच में बना है। इसके ऊपर घेरे हुए चार सिंह चारों दिशाओं में देख रहे हैं। इसे [[सारनाथ]] में [[अशोक स्तंभ]] से लिया गया है। इस चिह्न में दो शरभ हैं, जिनके [[हाथी]] के सिर और [[सिंह]] के धड़ हैं। == अर्थव्यवस्था == [[चित्र:GSDPY.JPG|right|thumb|हाल के वर्षों में कर्नाटक की आर्थिक स्थिति ([[सकल घरेलु उत्पाद|सकल राज्य उत्पाद]])]] कर्नाटक का वर्ष २००७-०८ [[सकल घरेलु उत्पाद|सकल राज्य उत्पाद]] लगभग {{रु}} २१५.२८२ हजार करोड़ ($ ५१.२५ बिलियन) रहा। <ref name="contrib">{{cite web|url=http://www.kar.nic.in/finance/bud2008/budhig08.pdf|title=हाईलाईट्स ऑफ कर्नाटक्स बजट २००८-०९ |work=वित्त विभाग |publisher=कर्नाटक सरकार|accessdate=१९ अगस्त, २००८|format=पीडीएफ़}}</ref> २००७-०८ में इसके सकल घरेलु उत्पाद में ७% की वृद्धी हुई थी। <ref name="gsdp">{{cite web|url=http://www.thehindubusinessline.com/2008/07/21/stories/2008072151311500.htm|title= कर्नाटक्स बजट बेस्ड ऑन ५% इन्फ़्लेशन रेट |author=ए. श्रीनिवास|work=द हिन्दू, २१ जुलाई, २००८|publisher= २००८, द हिन्दू बिज़्नेस लाइन |accessdate=१९ अगस्त, २००८}}</ref> भारत के राष्ट्रीय [[सकल घरेलु उत्पाद]] में वर्ष २००४-०५ में इस राज्य का योगदान ५.२% रहा था। <ref name="gsdp1">{{cite web|url=http://mospi.nic.in/6_gsdp_cur_9394ser.htm|work=सांख्यिकी (contracted; show full) १९८० के दशक से कर्नाटक (विशेषकर बंगलुरु) [[सूचना प्रौद्योगिकी]] के क्षेत्र में विशेष उभरा है। वर्ष २००७ के आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक से लगभग २००० आई.टी फर्म संचालित हो रही थीं। इनमें से कई के मुख्यालय भी राज्य में ही स्थित हैं, जिनमें दो सबसे बड़ी आई.टी कंपनियां [[इन्फोसिस]] और [[विप्रो]] हैं। <ref name="it" /> इन संस्थाओं से निर्यात रु. ५०,००० करोड़ (१२.५ बिलियन) से भी अधिक पहुंचा है, जो भारत के कुल सूचना प्रौद्योगिकी निर्यात का ३८% है। <ref name="it">{{cite web|url=http://www.financialexpress.com/old/fe_full_story.php?content_id=164868|work=द फ़ाइनेन्शियल एक्स्प्रेस, २२ मई, २००७|title=आईटी एक्स्पोर्ट्स फ़्रॉम कर्नाटक एक्सीड्स रु.५०के करोड़ |publisher=२००७: इण्डियन एक्स्प्रेस न्यूज़पेपर (मुंबई) लि.|accessdate=५ जून, २००७}}</ref> [[देवनहल्ली]] के बाहरी ओर का [[नंदी हिल]] क्षेत्र में ५० वर्ग कि.मी भाग, आने वाले २२ बिलियन के [[ब्याल आईटी निवेश क्षेत्र]] की स्थली है। ये कर्नाटक की मूल संरचना इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी परियोजना है।<ref>http://www.hindu.com/2010/01/29/stories/2010012953620400.htm</ref> इन सब कारणों के चलते ही बंगलौर को भारत की सिलिकॉन घाटी कहा जाने लगा है। <ref name="business">{{cite web|url=http://www.indiainbusiness.nic.in/know-india/states/karnataka.htm|work=Ministry of External affairs|title=India in Business|publisher=भारत सरकार|accessdate=2007-06-11}}</ref> [[चित्र:GSDP.JPG|right|thumb|आर्थिक प्रगति में क्षेत्रवार योगदान]] (contracted; show full)िवेनारायणपुरा एवं दोड्डबल्लपुर, जहां शहर का ७० करोड़ रेशम उद्योग का अंश स्थित है। यहां की बंगलौर सिल्क और मैसूर सिल्क विश्वप्रसिद्ध हैं।<ref>[http://www.deccanherald.com/content/31009/silk-city-come-up-near.html सिल्क सिटी टू कम अप नियर बंगलौर]</ref><ref>[http://sify.com/news/fullstory.php?a=jg1rkmebjfi&title=Karnataka_silk_weavers_fret_over_falling_profits_due_to_globalisation&tag=Karnataka कर्नाटक के रेशम बुनकर वैश्वीकरण के चलते घाटे में गिरते जा रहे हैं]</ref> == यातायात == {{Main|कर्नाटक में यातायात|कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची}} [[चित्र:Kingfisher_Airlines_Airbus_A320-200.jpg|right|thumb|[[किंगफिशर एयरलाइंस]] [[बंगलुरु विमानक्षेत्र|बंगलुरु]] में आधारित विमानसेवा है।]] कर्नाटक में वायु यातायात देश के अन्य भागों की तरह ही बढ़ता हुआ किंतु कहीं उन्नत है। कर्नाटक राज्य में [[बंगलुरु विमानक्षेत्र|बंगलुरु]], [[मंगलौर विमानक्षेत्र|मंगलौर]], [[हुबली विमानक्षेत्र|हुबली]], [[बेलगाम विमानक्षेत्र|बेलगाम]], हम्पी एवं [[बेल्लारी विमानक्षेत्र]] में विमानक्षेत्र हैं, जिनमें [[बंगलुरु विमानक्षेत्र|बंगलुरु]] एवं [[मंगलौर विमानक्षेत्र|मंगलौर]] अंतर्राष्ट्रीय [[विमानक्षेत्र]] हैं। मैसूर, गुलबर्गा, बीजापुर, हस्सन एवं शिमोगा में भी २००७ से प्रचालन कुछ हद तक आरंभ हुआ है।<ref name=5airports>{{cite web|url=http://web.archive.org/web/20071012193016/http://deccanherald.com/Content/Jun52007/district200706045625.asp|accessdate=2007-06-05|title=५ एयरपोर्ट्स टू बी ऑपरेश्नल सून|work=डेक्कन हेराल्ड, ऑनलाइन; तिथि: ५ जून, २०(contracted; show full)को राष्ट्र को सौंपा गया था। इस पत्तन में वित्तीय वर्ष २००६-०७ में ३ करोड़ २०.४ लाख टन का निर्यात एवं १४१.२ लाख टन का आयात व्यापार हुआ था। इस वित्तीय वर्ष में यहां कुल १०१५ जलपोतों की आवाजाही हुई, जिसमें १८ क्यूज़ पोत थे। राज्य में अन्तर्राज्यीय जलमार्ग उल्लेखनीय स्तर के विकसित नहीं हैं।<ref name="पोर्ट्स">[http://www.karnatakaports.in/ कर्नाटक पोर्ट्स.इन]</ref> कर्नाटक के राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों की कुल लंबाइयां क्रमशः {{convert|3973|km|mi|0}} एवं {{convert|9829|km|mi|0}} हैं। [[कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम]] (के.एस.आर.टी.सी) राज्य का सरकारी लोक यातायात एवं परिवहन निगम है, जिसके द्वारा प्रतिदिन लगभग २२ लाख यात्रियों को परिवहन सुलभ होता है। निगम में २५,००० कर्मचारी सेवारत हैं।<ref name="ksrtc">{{cite web|url=http://web.archive.org/web/20080822211002/http://ksrtc.in/about_ksrtc.htm|title=अबाउट के.एस.आर.टी.सी|work=ऑनलाइन वेबपेज KSRTC|publisher=KSRTC|accessdate=2007-05-06}}</ref> १९९० के दशक के अंतिम दौर में निगम को तीन निगमों में विभाजित किया गया था, बंगलौर मेट्रोपॉलिटन ट्रांस्पोर्ट कार्पोरेशन, नॉर्थ-वेस्ट कर्नाटक ट्रांस्पोर्ट कार्पोरेशन एवं नॉर्थ-ईस्ट कर्नाटक ट्रांस्पोर्ट कार्पोरेशन। इनके मुख्यालय क्रमशः बंगलौर, हुबली एवं गुलबर्गा में स्थित हैं।<ref name="ksrtc"/> == संस्कृति == {{Main|कर्नाटक की कला और संस्कृति |कर्नाटक संगीत |कर्नाटक का खानपान |कन्नड़िगा}} [[चित्र:FullPagadeYakshagana.jpg|thumb|right|एक कलाकार,यक्षगण रूप में।]] (contracted; show full)्दू का ऑनलाइन संस्करण, १२ सितंबर, २००६ |title=रीविज़िटिंग टैक्स्टाइल ट्रैडीशंस |publisher=द हिन्दू |accessdate=२४ जुलाई, २००७}}</ref> राज्य के पुरुषों का परंपरागत पहनावा धोती है, जिसे यहां पाँचे कहते हैं। वैसे शहरी क्षेत्रों में लोग प्रायः कमीज-पतलून तथा सलवार-कमीज पहना करते हैं। राज्य के दक्षिणी क्षेत्र में विशेष शैली की पगड़ी पहनी जाती है, जिसे मैसूरी पेटा कहते हैं, और उत्तरी क्षेत्रों में राजस्थानी शैली जैसी पगड़ी पहनी जाती है, और पगड़ी या पटगा कहलाती है। [[चावल]] ({{Lang-kn|ಅಕ್ಕಿ}}) और [[रागी]] राज्य के प्रधान खाद्य में आते हैं, और [[जोलड रोट्टी]], [[सोरघम]] उत्तरी कर्नाटक के प्रधान खाद्य हैं। इनके अलावा तटीय क्षेत्रों एवं कोडगु में अपनी विशिष्ट खाद्य शैली होती है। [[बिसे बेले भात]], [[जोलड रोट्टी]], [[रागी बड़ा]], [[उपमा]], [[मसाला दोसा]] और [[मद्दूर वड़ा]] कर्नाटक के कुछ प्रसिद्ध खाद्य पदार्थ हैं। मिष्ठान्न में [[मैसूर पाक]], [[बेलगावी कुंड]], [[गोकक करदंतु]] और [[धारवाड़ पेड़ा]] मशहूर हैं। == धर्म == {{मुख्य|कर्नाटक में धर्म |हरिदास|वीरशैव}} [[चित्र:Gomateswara.jpg|thumb|[[श्रवणबेलगोला]] में गोमतेश्वर (९८२-९८३) की एकाश्म-प्रतिमा, आज जैन धर्मावलंबियों के सर्वप्रिय तीर्थों में से एक है। ]] [[आदि शंकराचार्य]] ने [[शृंगेरी]] को भारत पर्यन्त चार पीठों में से दक्षिण पीठ हेतु चुना था। [[विशिष्ट अद्वैत]] के अग्रणी व्याख्याता [[रामानुजाचार्य]] ने [[मेलकोट]] में कई वर्ष व्यतीत किये थे। वे कर्नाटक में [[१०९८]] में आये थे और यहां [[११२२]] तक वास किया। इन्होंने अपना प्रथम वास तोंडानूर में किया और फिर मेलकोट पहुंचे, जहां इन्होंने चेल्लुवनारायण मंदिर और एक सुव्यवस्थित मठ की स्थापना की। इन्हें [[होयसाल वंश]] के राजा विष्णुवर्धन का संरक्षण मिला था।<ref name="Kamath">कामत (२००१) पृ.१५०-१५२</ref> [[१२वीं शताब्दी]] में जातिवाद और अन्य सामाजिक कुप्रथाओं के विरोध स्वरूप उत्तरी कर्नाटक में [[वीरशैवधर्म]] का उदय हुआ। इन आन्दोलन में अग्रणी व्यक्तित्वों में [[बसव]], [[अक्का महादेवी]] और [[अलाम प्रभु]] थे, जिन्होंने अनुभव मंडप की स्थापना की जहां शक्ति विशिष्टाद्वैत का उदय हुआ। यही आगे चलकर [[लिंगायत]] मत का आधार बना जिसके आज कई लाख अनुयायी हैं। <ref name="basa">कामत (२००१), पृ. १५३-१५४</ref> कर्नाटक के सांस्कृतिक और धार्मिक ढांचे में जैन साहित्य और दर्शन का भी महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। [[इस्लाम]] का आरंभिक उदय भारत के पश्चिमी छोर पर [[१०वीं शताब्दी]] के लगभग हुआ था। इस धर्म को कर्नाटक में [[बहमनी साम्राज्य]] और [[बीजापुर]] सल्तनत का संरक्षण मिला। <ref name="bam">शास्त्री (१९५५), पृ.३९६</ref> कर्नाटक में [[ईसाई धर्म]] [[१६वीं शताब्दी]] में [[पुर्तगाल|पुर्तगालियों]] और १५४५ में [[सेंट फ्रांसिस ज़ेवियर]] के आगमन के साथ फैला। <ref name="chris">शास्त्री (१९५५), पृ.३९८</ref> राज्य के [[गुलबर्गा]] और [[बनवासी]] आदि स्थानों में [[प्रथम सहस्राब्दी]] में [[बौद्ध धर्म]] की जड़े पनपीं। [[गुलबर्गा जिले]] में १९८६ में हुई अकस्मात खोज में मिले [[मौर्य]] काल के अवशेष और अभिलेखों से ज्ञात हुआ कि कृष्णा नदी की तराई क्षेत्र में बौद्ध धर्म के [[महायन]] और [[हिनायन]] मतों का खूब प्रचार हुआ था। [[मैसूर दशहरा]] [[मैसूर]] राज्य में ''नाड हब्बा'' (राज्योत्सव) के रूप में मनाया जाता है। यह मैसूर के प्रधान त्यौहारों में से एक है।<ref name="nada-habba">{{cite web|title=दशहरा फ़ेस्ट पैनल मीट्स थर्स्डे |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/88517.cms|work=द टाइम्स ऑफ इण्डिया, दि. २२ जुलाई, २००३|publisher=टाइम्स इंटरनेट लि.|accessdate=१७ जुलाई, २००७}}</ref> [[उगादि]] (कन्नड़ नव वर्ष), [[मकर संक्रांति]], [[गणेश चतुर्थी]], [[नाग पंचमी]], [[बसव जयंती]], [[दीपावली]] आदि कर्नाटक के प्रमुख त्यौहारों में से हैं। == भाषा == {{Main|कन्नड़ भाषा|टुलु|कोडव|कोंकणी भाषा|कन्नड़ साहित्य}} [[चित्र:Halmidi oldKannada inscription mounted.JPG|left|thumb|कन्नड़ भाषा में प्राचीनतम अभिलेख [[४५०]] ई. के [[:en:Halmidi inscription|हल्मिडी शिलालेखों]] में मिलते हैं। ]] (contracted; show full)नड़ भाषा के उत्थान हेतु एवं कन्नड़ कोंकणी साहित्य अकादमी कोंकणी साहित्य के लिये कार्यरत है।<ref name="konkani">{{cite web|url=http://www.deccanherald.com/archives/sep162005/district1814202005915.asp|title= कोंकण प्रभा रिलीज़्ड |work= डेक्कन हेरल्ड, १६ सितंबर, २००५|publisher=२००५, द प्रिंटर्स (मैसूर) प्रा. लि. |accessdate= ६ मई, २००७}}</ref> ''टुलु साहित्य अकादमी'' एवं ''कोडव साहित्य अकादमी'' अपनी अपनी भाषाओं के विकास में कार्यशील हैं। == शिक्षा == {{Main|कर्नाटक में शिक्षा}} [[चित्र:Sheeju iisc.jpg|thumb|right|[[भारतीय विज्ञान संस्थान]], भारत का एक प्रतिष्ठित विज्ञान संस्थान, बंगलुरु में स्थित है]] (contracted; show full)ान हैं। केन्द्र सरकार की ११वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत्त मुदेनहल्ली में एक [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] की सथापना को स्वीकृति मिल चुकी है। ये राज्य का प्रथम आई.आई.टी संस्थान होगा।<ref>http://www.deccanherald.com/content/15938/iit-muddenahalli-moily.html</ref> इसके अतिरिक्त मेदेनहल्ली-कानिवेनारायणपुरा में [[विश्वेश्वरैया उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान]] का ६०० करोड़ रुपये की लागत से निर्माण प्रगति पर है।<ref>http://www.hindu.com/edu/2009/09/07/stories/2009090750220300.htm</ref> == यह भी देखें == {{प्रवेशद्वार|कर्नाटक }} * [[कर्नाटक के लोकसभा सदस्य]] * [[कर्नाटक का पठार]] == संर्दभ == {{Reflist|2}} == बाहरी सूत्र == {{Commons category|Karnataka|कर्नाटक}} * [http://www.karnataka.gov.in/ कर्नाटक सरकार]] का आधिकारिक जालस्थल * [http://www.karnatakainformation.org/ कर्नाटक सरकार सूचना विभाग] * {{ODP|Regional/Asia/India/Karnataka/}} {{Geographic Location |Centre = कर्नाटक |North = [[महाराष्ट्र]] |Northeast = |East = [[आंध्र प्रदेश]] |Southeast = [[तमिल नाडु]] |South = [[केरल]] |Southwest = |West = [[अरब सागर]] |Northwest = [[गोआ]] }} {{कर्नाटक}} {{कर्नाटक के जिले}} {{भारत के प्रान्त और संघ राज्यक्षेत्र}} <noinclude> [[श्रेणी:कर्नाटक]] [[श्रेणी:भारत के राज्य]] </noinclude> {{Link FA|en}} [[ca:Karnataka]] [[or:କର୍ନାଟକ]] [[sa:कर्णाटक]] All content in the above text box is licensed under the Creative Commons Attribution-ShareAlike license Version 4 and was originally sourced from https://hi.wikipedia.org/w/index.php?diff=prev&oldid=2022319.
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